रात को 11 बजे एक घर पर डोर बेल बजी, दरवाजा खोला तो देखा एक वृद्ध आदमी हांफते हुए हाथ में एक चिट्ठी लिए खड़े थे। दरअसल वह वृद्ध आदमी मोहन से मिलना चाहता था।
मोहन ने उसको अन्दर बुलाया तो उस वृद्ध आदमी ने मोहन के हाथ में वो चिट्ठी दे दी। मोहन ने वह चिट्ठी पढ़ी और उस ऑटो वाले को वापस जाने को बोला जिससे वह वृद्ध आदमी आया था।
उस चिट्ठी में मोहन के पिता ने मोहन को उस वृद्ध आदमी की मदद करने को कहा था। वृद्ध आदमी ने मोहन से कहा कि आपके पिताजी ने बोला है कि आप मेरा काम जरूर करवा दोगे। मोहन ने भी उस वृद्ध आदमी को भरोसा दिलाया और खाना खिलाकर सोने के लिए बिस्तर लगा दिए।
Madad ki ek kahani
दरअसल बात यह थी कि उस वृद्ध आदमी के लड़के की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। बेटे की मौत के बाद उस आदमी को दैनिक खर्चों के लिए पैसों की जरूरत पड़ने लगी। उसके बेटे का डैथ क्लेम किसी कागज की वजह से रुक गया था। जिसे पूरा करने के लिए दिल्ली जाने की जरूरत थी।
वो वृद्ध आदमी कभी भी अपने गांव से बाहर नही निकला था। इसलिए उसको दिल्ली जाने में डर लग रहा था। उनके पुराने बोस ने सहायता करते हुए उन्हें दिल्ली में अपने बेटे मोहन के पास भेजा।
अगले दिन सुबह मोहन ने अपने ऑफिस से छुट्टी ली और उस वृद्ध आदमी का पूरा काम करवा दिया। काम पूरा होने के बाद मोहन ने उस वृद्ध आदमी की टिकट भी करवाई और उसको एक मिठाई का डिब्बा भी दिया था। उस वृद्ध ने मोहन को हाथ जोड़कर धन्यवाद दिया और कहा बेटे तुम्हारे पिता धन्य है जो उन्हें तुम्हारी जैसी औलाद मिली है। उस वृद्ध सज्जन ने मोहन से कहा बेटा अपने पिता के लिए कोई संदेश देना चाहते हो तो उन्हें दे दे।
तब मोहन से कहा की अंकल में वो मोहन नही हूं जिन्हें आप ढूंढ रहे थे। मोहन ने कहा कि जब वह उस चिट्ठी को पढ़ रहा था तो उसमे मोहन के नंबर थे और उसने उन नंबर पर कॉल किया तो पता चला मोहन यहां दिल्ली में नही है और कुछ दिनों बाद लौटेगा।
Madad ki ek kahani
उस वृद्ध आदमी ने हैरान होते हुए पूछा बेटा तुमने मेरे लिए इतनी तकलीफ क्यों उठाई। मोहन ने कहा में आपकी उम्र, उम्मीद और तकलीफ को देखकर मना नही कर पाया।
इतना सुनकर वृद्ध भावुक हो गए और नम आंखो के साथ यह कहते हुए अपनी बस की ओर चल दिए की कौन कहता है कि भगवान नही होते है।
प्रेरणादायक कहानियां हिंदी में – Prernadayak Kahaniyan in Hindi
मोहन भी भारी मन से लेकिन सुकून के साथ खुद पर गर्व करते हुए अपने घर की तरफ चल पड़ा। उस दिन मोहन को बहुत सुकून भरी नींद आई थी।
दोस्तों भगवान ने इस संसार में सबको मदद करने की सामर्थ्य नही दी है इसलिए कई लोग चाहकर पर भी मदद नही कर पाते है। लेकिन यदि आप को भगवान ने इस काबिल बनाया है तो यह जिम्मेदारी आप जरूर निभाएं। जब जीवन को पलटकर देखोगे तो सिर्फ ऐसी ही कहानियों की वजह से आपको अपने जन्म पर गर्व होगा।
यदि अभी तक आपके जीवन में ऐसी कहानियां नही है तो आप इन कहानियों का निर्माण शुरू कर दीजिए।
किसी ने क्या खूब कहा है
मदद करने के लिए केवल धन की जरूरत नही होती,
उसके लिए एक अच्छे मन की जरूरत होती है।
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