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You are at:Home»Knowledge»आम आदमी के कानूनी अधिकार – Human Rights Law in India in Hindi
Knowledge

आम आदमी के कानूनी अधिकार – Human Rights Law in India in Hindi

By VikramMay 1, 20205 Mins Read
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Human Rights Law in India
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हमारे देश भारत में बहुत सारे नियम और कानून बने हुए है। जिनकी जानकारी प्रेत्यक नागरिक को नही है। इसलिए प्रत्येक नागरिक को कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी पता होना जरूरी है।

हमारे देश के नागरिक शिक्षा और जागरूकता की कमी के कारण इन अधिकारों से अंजान है। इस कारण से बहुत से नागरिक परेशानी, धोखेबाजी और भ्रष्टाचार के शिकार हो जाते है।

भारत के प्रत्येक नागरिक को इन अधिकारों के बारे में जानने का अधिकार है। तो चलिए जानते है कुछ कानूनी अधिकार जो प्रत्येक भारत के नागरिक को पता होना चाहिए।

Human Rights Law in India in Hindi – आम नागरिक के कानूनी अधिकार

Human Rights Law in India in Hindi आम नागरिक के कानूनी अधिकार

अगर कोई व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर अश्लील हरकत और गतिविधियां करता हुआ पकड़ा जाता है तो यह अपराध की श्रेणी में आता है । इस कारण से उस आदमी को तीन माह की सजा हो सकती है।

गाड़ी चलाते वक्त अगर आपके 100 ml खून में अल्कोहल का लेवल 30 mg से ज्यादा मिलता है तो पुलिस आपको बिना वारंट गिरफ्तार कर सकती है।

किसी भी महिला को शाम 6 बजे के बाद और सुबह 6 बजे से पहले गिरफ्तार नही किया जा सकता है। और एक महिला को एक महिला पुलिस अधिकारी ही गिरफ्तार कर सकती है। अगर कोई पुरूष पुलिस अधिकारी किसी महिला को गिरफ्तार करता है तो यह भारतीय कानून के अनुसार अपराध है।

ऐसे में उन पर कानूनी कार्यवाही हो सकती है। किसी गंभीर अपराध के मामले में मजिस्ट्रेट से लिखित आदेश प्राप्त होने पर ही एक पुरूष पुलिसकर्मी किसी महिला को गिरफ्तार कर सकता है।

आम आदमी के कानूनी अधिकार

आम आदमी के कानूनी अधिकार

अगर कोई पुलिस अफसर आपकी FIR लिखने से मना करता है तो यह अपराध की श्रेणी में आता है इसके लिए उसको 6 महीने तक कि सजा हो सकती है।

कोई भी होटल चाहे वो 5 स्टार ही क्यों ना हो, आपको फ्री में पानी पीने से और वाशरूम इस्तेमाल करने से नही रोक सकता है।

यदि कोई शादीशुदा व्यक्ति अविवाहित या विधवा महिला के साथ सहमति से शारीरिक सम्बंध बनाता है तो यह अपराध की श्रेणी में नही आता है।

अगर दो वयस्क लड़का और लड़की अपनी मर्जी से लिव इन रिलेशनशिप में रहना चाहते है तो यह गैर कानूनी नही है और इन दोनों से उत्पन्न संतान भी गैर कानूनी नही है और संतान को अपने पिता की संपत्ति में हक भी मिलेगा।

Human Rights Law in India in Hindi

Human Rights Law in India in Hindi

एक पुलिस अधिकारी हमेशा ही अपनी ड्यूटी पर होता है चाहे उसने यूनिफॉर्म पहनी हो या नही। अगर कोई पीडित किसी पुलिस अधिकारी से शिकायत करता है वह यह नही कह सकता कि वह पीडित की मदद नही कर सकता क्योंकि वह ड्यूटी पर नही है।

कोई भी कंपनी गर्भवती महिला को नौकरी से नही निकाल सकती है। ऐसा करने से अधिकतम 3 साल की सजा हो सकती है।

हिन्दू मैरिज एक्ट के तहत कोई भी व्यक्ति (पति/पत्नी) कोर्ट में तलाक के लिए निम्न कारणों के आधार पर अर्जी दे सकता है।

जैसे किसी दूसरे से शारीरिक सम्बन्ध बनाना, शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना, नपुंसकता, बिना बताये छोड़कर जाना, हिन्दू धर्म छोड़कर कोई और धर्म अपनाना, पागलपन, लाईलाज बीमारी आदि के आधार पर तलाक की अर्जी दी जा सकती है।

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अगर ट्रैफिक पुलिस आपकी गाड़ी या मोटरसाईकल की चाबी निकाल लेता है तो यह गैर कानूनी है। ऐसा करने पर आप उसके खिलाफ कानूनी कारवाई कर सकते है।

भारत के कानून की पूरी जानकारी

भारत के कानून की पूरी जानकारी

गैस सिलिंडर के फट जाने से और जान माल का नुकसान होने पर आप गैस कंपनी से 40 लाख रुपये तक का बीमा कवर क्लेम कर सकते है।

अगर आप किसी कंपनी से किसी त्यौहार के मौके पर कोई गिफ्ट लेते है तो यह रिश्वत की श्रेणी में आता है। इसके लिए आपको सजा हो सकती है।

यदि आपका किसी दिन चालान (बिना हेलमेट के या किसी अन्य कारण से) काट दिया जाता है तो फिर दुबारा उसी अपराध के लिए आपका चालान नही काटा जा सकता है।

कोई भी दुकानदार किसी उत्पाद के लिए उस पर अंकित मूल्य से अधिक मूल्य नही मांग सकता है लेकिन उपभोक्ता दुकानदार से कम मूल्य में खरीदने के लिए मौल भाव कर सकता है।

आम नागरिक के कानूनी अधिकार

आम नागरिक के कानूनी अधिकार

अगर आपका ऑफिस आपको सैलरी नही देता है तो आप उसके खिलाफ 3 साल के अंदर कभी भी रिपोर्ट दर्ज करा सकते है। लेकिन यदि आप 3 साल के बाद रिपोर्ट करते है तो आपको कुछ भी हासिल नही होगा।

यदि आप हिन्दू है और आपके पास आपका पुत्र है, पोता है या परपोता है तो आप किसी दूसरे लड़के को गोद नही ले सकते है। साथ ही गोद लेने वाले व्यक्ति और गोद लिए जाने वाले बच्चे के बीच कम से कम 21 वर्ष का अंतर होना जरूरी है।

यदि आप दिल्ली में रहते है तो आपका मकान मालिक आपको बिना नोटिस दिए जबरन मकान खाली नही करा सकता है।

रेप विक्टिम महिला बिना FIR करवाये भी डॉक्टर के पास मेडिकल परीक्षण के लिए भी जा सकती है।

अगर आप इनकम टैक्स नही भरते है तो इनकम टैक्स अधिकारियों के पास आपको गिरफ्तार करने का अधिकार होता है।

इस पोस्ट में हमने आपको कुछ आम आदमी के कानूनी अधिकार बताये है जो कि हर भारतीय नागरिक को पता होने चाहिए। आशा करते है अब आपको इस बारे में जानकारी मिल गई होगी।

यह पोस्ट Human Rights Law in India in Hindi आपको कैसी लगी हमे कमेंट करके जरूर बताये। और इस जानकारी को आप अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें।

धन्यवाद

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Vikram

A curious mind and passionate writer, Vikram channels his love for deep insights and candid narratives at ThinkDear. Exploring topics that matter, he seeks to spark conversations and inspire readers.

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