Think dearThink dear
  • Home
  • News
  • Entertainment
  • Fashion
  • Health
  • Tech
  • Tips
  • Travel
Facebook Twitter Instagram
  • Home
  • News
  • Entertainment
  • Fashion
  • Health
  • Tech
  • Tips
  • Travel
Facebook Twitter Instagram Pinterest
Think dearThink dear
Contact Us
Trending
  • Transform Your Kitchen with a Stylish Vessel Faucet for a Fresh New Look
  • The AI Work Shift You Can’t Ignore
  • Practical Strategies to Enhance the Well-Being of Older Adults
  • 7 Applicant Tracking Systems Revolutionizing Recruitment This Year
  • Exploring the Impact of US Health Group on the Nation’s Healthcare System
  • Seven Ways Boxing Balances Your Mind and Soul
  • Practical Approaches to Alleviating Neck Pain and Ensuring Long-Term Comfort
  • Best Image to PDF Converters of 2026: Top Tools for Converting PNG Files Into PDFs
Think dearThink dear
You are at:Home»Chanakya Niti»चाणक्य नीति, ग्यारहवां अध्याय – Chanakya Niti in Hindi Eleventh Chapter
Chanakya Niti

चाणक्य नीति, ग्यारहवां अध्याय – Chanakya Niti in Hindi Eleventh Chapter

By VikramMay 24, 20215 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Email Reddit Telegram WhatsApp
Chanakya Niti in Hindi Eleventh Chapter
Chanakya Niti in Hindi Eleventh Chapter
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Reddit Telegram WhatsApp Email

Chanakya Niti in Hindi Eleventh Chapter – इस पोस्ट में आज हम आपके लिए चाणक्य नीति का ग्यारहवां अध्याय लेकर आए है। इस अध्याय में आचार्य चाणक्य जी ने अपनी नीतियों के बारे में बताया है।

आइए पढ़ते है आज की इस पोस्ट में चाणक्य नीति – ग्यारहवां अध्याय, Chanakya Niti in Hindi Eleventh Chapter के बारे में।

Chanakya Niti in Hindi Eleventh Chapter – चाणक्य नीति, ग्यारहवां अध्याय

1.दान दक्षिणा करने की अभिलाषा होना, मीठी वाणी बोलना, धीरज रखना और सही व गलत की पहचान करना, ये सभी गुण एक इंसान में स्वभाविक होते है, इन गुणों को अभ्यास से सीखा नही जाता है।

2.जो लोग अपने समूह को छोड़कर किसी दूसरे समूह में मिल जाते है, वह लोग उसी राजा की तरह नष्ट हो जाते है जो अधर्म के मार्ग पर चलते है।

3.एक हाथी को एक छोटे से अंकुश से वश में किया जाता है, एक छोटे से दीपक से अंधकार नष्ट हो जाता है, एक छोटे से हथोड़े से बड़े बड़े पर्वत टूट जाते है, इसका मतलब यह है की हर वस्तु अपने तेज के कारण ही शक्तिशाली होती है, लंबा चौड़ा होना कोई मायने नही रखता है।

4.कलयुग के 10 हजार साल पूरे होने पर ईश्वर इस धरती का त्याग कर देते है, इसका आधा मतलब 5 हजार साल पूरे होने पर गंगा नदी का जल समाप्त हो जाता है, और इसका आधा मतलब ढाई हजार साल पूरे होने पर गांव के देवता भी इस धरती को छोड़कर चले जाते है।

Chanakya Niti Chapter 11

5.घर से ज्यादा लगाव होने पर व्यक्ति को विद्या नही आती है, मांस खाने वाले व्यक्ति में दया भाव नही होता है, धन के लालची व्यक्ति को सच बोलना नही आता है, इसी प्रकार भोगविलास में व्यस्त व्यक्ति में पवित्रता की कमी रहती है।

6.जिस प्रकार नीम के पेड़ को घी दूध से सींचने पर भी वह कड़वाहट छोड़कर मीठा नही होता है ठीक उसी प्रकार एक दुर्जन व्यक्ति पर भी सत्संग का कोई प्रभाव नही पड़ सकता है।

7.जिस तरह मदिरा रखने का पात्र जलाने से भी शुद्ध नही होता है, ठीक इसी तरह जिस इंसान के अंदर पाप और कुटिलता भरी पड़ी हो वह सैंकड़ों बार भी तीर्थ स्नान करने पर भी पवित्र नही होता है।

8.जो व्यक्ति किसी के गुणों की महत्वत्ता को नही जानता है, वह हमेशा उसकी निंदा करता है, जैसे भीलनी हाथी के माथे पर उत्पन्न होने वाले मोती को छोड़कर गुजांफल की माला पहनती है।

Chanakya Niti Adhyay 11

9.वह व्यक्ति जो पूरे वर्ष शांत रहकर भोजन करता है, वह व्यक्ति करोड़ों वर्षो तक स्वर्ग में आदर सम्मान प्राप्त करता है।

Read Also : चाणक्य नीति, नवां अध्याय

10.एक विद्यार्थी को इन आठ दुर्गुणों का त्याग कर देना चाहिए,
गुस्सा, काम, लालच, स्वाद, श्रंगार करना, खेलना और तमाशा देखना, ज्यादा सोना और चापलूसी करना।

11.ऐसे ब्राह्मण को ऋषि माना जाता है जो ईश्वर की कृपा से प्राप्त हुआ भोजन करता है, हमेशा जंगलों में ही रहता है और हर दिन श्राद्ध करता है।

12.जो व्यक्ति एक वक्त के भोजन से ही संतुष्ट हो जाता है, अपने नित्य कर्मो को पूरा करता है, अपनी पत्नी से ऋतुकाल में ही संभोग करता है, वो ही व्यक्ति सच्चा ब्राह्मण कहलाता है।

13.ऐसे ब्राह्मण को वैश्य कहा गया है जो सांसरीक कार्यों में लगा रहता है, पशुओं का पालन पोषण करता है, व्यापार और खेती करता है।

Chanakya Niti in Hindi Eleventh Chapter

14.ऐसे ब्राह्मण शूद्र कहलाते है जो तेल, नील, फूल, शहद, घी, शराब, लाख और मांस आदि का व्यापार करता है।

15.ऐसे ब्राह्मण को नर बिलाव कहा गया है जो दूसरों के कामों को बिगाड़ता है, कपटी होता है, घमंडी होता है, स्वार्थी होता है, और झगड़ालू होता है,

16.ऐसे ब्राह्मण को नीच कहा गया है जो बिना किसी भय के बावड़ी, कुआं, तालाब, बगीचा और देव मंदिर आदि का तोड़ फोड़ करता है।

17.ऐसे ब्राह्मण को चांडाल बताया गया है जो गुरु और देवताओं के धन को चुरा लेता है, दूसरों की औरतों के साथ संभोग करता है और जो सभी तरह के लोगों के साथ रहता है।

18.लोगो को धन का संग्रह न करके, उसमे से दान करना चाहिए, दान देने के कारण से ही कई राजा जैसे कर्ण, दैत्यराज बलि और विक्रमादित्य जैसे राजाओ की कीर्ति आज भी बनी हुई है,
इसके विपरीत शहद का संग्रह करने वाली मधुमक्खियां जब अपने शहद को किसी कारण से नष्ट होता हुआ देखती है तो वे पश्चाताप करती है और सोचती है कि न तो हमने अपने शहद का उपयोग किया और न किसी को दिया।

निष्कर्ष,

इस पोस्ट में हमने आपको Chanakya Niti in Hindi Eleventh Chapter के बारे में बताया है। हमें उम्मीद है कि आपको यह चाणक्य नीति, ग्यारहवां अध्याय पसंद आया हो।

आपको यह चाणक्य नीति के विचार कैसे लगे, हमें कमेंट करके जरूर बताए और इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ सोशल मीडिया पर शेयर जरुर करें।

धन्यवाद 🙏

Read Also : चाणक्य नीति, दसवां अध्याय

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Reddit Telegram WhatsApp Email
Previous Articleअंतिम संस्कार के समय के शव के सिर पर तीन बार डंडा क्यों मारा जाता है
Next Article Amazing Facts in Hindi About Life – जीवन के बारे में रोचक तथ्य
Vikram

A curious mind and passionate writer, Vikram channels his love for deep insights and candid narratives at ThinkDear. Exploring topics that matter, he seeks to spark conversations and inspire readers.

Related Posts

चाणक्य नीति, पहला अध्याय – Chanakya Niti in Hindi First Chapter

January 2, 2025

चाणक्य नीति, नवां अध्याय – Chanakya Niti in Hindi Ninth Chapter

January 2, 2025

चाणक्य नीति, दूसरा अध्याय – Chanakya Niti in Hindi Second Chapter

January 2, 2025
Add A Comment
Most Popular

Practical Approaches to Alleviating Neck Pain and Ensuring Long-Term Comfort

Best Image to PDF Converters of 2026: Top Tools for Converting PNG Files Into PDFs

Choosing the Right Savings Account for Your Financial Goals

Guide to Diastasis Recti Treatment in Singapore

Digital Marketing and Telegram’s Expansion of Brand Communication

Why ASRS Climate Reporting Is the New Standard for Australian Business

About Thinkdear

A Blog About News, Entertainment, Fashion, Sports, Travel, Tech, Tips, Motivational Articles, Amazing Facts, Hindi Quotes, Inspiration Stories, Self Improvement, Knowledge, Biography, History And Other Useful Contents.

For Any Inquiries Contact Us

Email: [email protected]

Our Pick

Digital Marketing and Telegram’s Expansion of Brand Communication

By VikramMarch 31, 2026
Follow Us
  • Facebook
  • Twitter
  • Pinterest
  • Instagram
  • YouTube
Thinkdear.com © 2026 All Right Reserved
  • Privacy Policy
  • Contact Us
  • Sitemap

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.